फिल्म दुर्गामती रिलीज होने के बाद दर्शकों के मन पर छाई

Spread the love

नई दिल्ली, कैलाश कृपा। हॉरर फिल्म दुर्गावती अमेजॉन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो चुकी हैं इसमें भूमि पेडणेकर का रोल बहुत ही अच्छा रहा है। दुर्गामती रिलीज होने के बाद दर्शको पर इसका जादू काफी हद तक छाया रहा और दर्शकों के मन में एक अलग ही छाप छोड़ी।

दर्शकों का कहना है कि अमेजॉन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई हॉरर फिल्म दुर्गामती को दर्शकों ने अपना अलग-अलग ट्वीट करते हुए कहा कि यह फिल्म अच्छी है इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे यह रोल उनके लिए ही बना हुआ है। इस फिल्म की शुरुआत दुर्गामती की असली कहानी से शुरू होती है इसमें बताया गया है कि कैसे वह अपनी असली जिंदगी में उनका व्यवहार रहा और वह कैसे अपने आप को हर समस्याओं के लिए आगे के लिए प्रेरित करती रहती है।
भूमि पेडनेकर ने अपना सर्वोच्च अभिनय देते हुए इस किरदार को अच्छे से निभाया और दर्शकों के मन में एक अच्छी जगह बनाई। फिल्म में कई सीन ऐसे भी क्रिएट किए गए हैं जो हॉरर है। फिल्म में कई ऐसे पहलू आते हैं जहां दर्शक अपने आप को इस कहानी से दूर नहीं कर पाते हैं और इस कहानी को देखते रहते हैं कि आने वाले समय में कौन सी घटना और कैसे होने वाली है। यहां सारी घटनाएं दर्शकों को फिल्म से बांधे रखी हुई रहती हैं और उन्हें इस फिल्म से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करती रहती है।फिल्म मैं डायरेक्टर और इसके स्टार कास्ट में भूमि पेडणेकर ने अपना सर्वोच्च अभिनय दिया और शानदार दर्शकों के बिच चर्चा का विषय बन गई। अरशद वारसी, करण कपाड़िया, माही गिल जीशू सेन गुप्ता इस फिल्मों में दिखाई देते हैं। फिल्म को एंटरटेनिंग बनाने के लिए सभी ने अपना विशेष योगदान दिया है और सभी की ओर से इस हॉरर फिल्म दुर्गामती को मजेदार बनाए रखने के लिए अच्छी एंटरटेनिंग करने की कोशिश की गई है जो कि दर्शकों के मन में काफी हद तक अपनी एंटरटेनमेंट और क्लाइमैक्स की छाप दर्शकों के मन में छोड़ दी है।
दुर्गामती का पोस्टर भी बहुत ही अच्छा बनाया गया है उसमें भूमि पेडणेकर को एक अलग ही अवतार में दिखाया गया है जो कि लाजवाब है। इसमें वह बिल्कुल ही अलग और एक अपना अलग व्यक्तित्व दिखाया है। इस कहानी में अरशद वारसी को ईश्वर प्रसाद के नाम से दर्शाया गया है। इसमें अरशद वारसी जोकि ईश्वर प्रसाद के नाम से हैं उन्हें एक ईमानदार नेता और जल संसाधन मंत्री का रोल मिला है। कहानी में मंदिर की कई मूर्तियां चोरी हो रही है जिससे लोगों में बहुत नाराजगी भी दिखाई दे रही है। मूर्तियों की चोरी होते देख वहां की जनता ईश्वर प्रसाद के पास आती है और ईश्वर प्रसाद वहां की जनता से वादा करता है कि जो मूर्तियां मंदिर में से चोरी हो रही है उन्हें वह जल्द से जल्द 15 दिनों के अंदर मंदिर में वापिस उन मूर्तियों को ले आएंगे और साथ ही यह भी वादा करते हैं कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह अपनी राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
फिल्म में आगे क्या होता है और आपको किस तरह से यह बांधे रखती हैं इसके लिए आपको भी इस मूवी को देखना होगा। फिल्म का क्लाइमैक्स बहुत ही अच्छा है। कुल मिलाकर यहां हॉरर फिल्म अच्छी है और फिल्म के सभी कलाकारों ने अपना अच्छा प्रदर्शन किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *