बाबा महाकाल के मंदिर पर मिली 10वी से 11वीं शताब्दी की शिलालेख

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उज्जैन, कैलाश कृपा। चौड़ीकरण के इस कार्य के मद्देनजर अभी बाबा महाकाल मंदिर में भी यह कार्य बहुत तेजी से चल रहा है लेकिन एक आश्चर्य की बात यह हुई है कि जैसे ही वहां पर चौड़ीकरण का कार्य विस्तारित किया गया और उसे तेज गति दी गई वैसे ही मुख्य दरवाजे के नजदीक सती माता मंदिर के पीछे पत्थर की शिलालेख दिखाइ दी।

बाबा महाकाल के मंदिर में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के निर्देश पर पुरातत्व विभाग की टीम खुदाई स्थल पर जांच करने के लिए पहुंची। इस टीम द्वारा वहां पर स्थित शिलालेख को देखते हुए अपने कार्य को गति देते हुए उन्होंने इसका निरीक्षण किया। बाबा महाकाल के मंदिर में जब यहाँ पर कार्य चल रहा तो वह मौजूद अधिकारियो ने चर्चा करते हुए उन्होंने चल रहे कार्य को स्थगित कर दिया क्योंकि जैसे ही वहां पर खुदाई की गई थी तो शिलालेख के इर्द-गिर्द मंदिर किस आकार और स्वरूप का है दिखाई देने लगा। इसको देखते हुए इस निर्माण कार्य को रोक दिया गया।

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खुदाई कार्य के चलते हुए जो शिलालेख मिली हुई है उसके अनुसार अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया है कि जो नक्काशी वहां पर मिली हुई है उसे देखते हुए यहां 10वीं और 11वीं शताब्दी की लग रही है। जानकारों का कहना है कि यह खुदाई सावधानीपूर्वक करनी होगी क्योंकि यह शिलालेख कितनी पुरानी है और कितने समय से स्थापित है इसका संक्षिप्त विवरण आने वाले समय में ही पता चलेगा।

अभी तो यहां पर पुरातत्व विभाग की टीम जांच करने पहुंची है और जैसे ही यह टीम आगे की अपनी जानकारी इसके बारे में जुटाएगी वैसे ही इस शिलालेख और मंदिर के बारे में कुछ जानकारियां और नया इतिहास बाबा महाकाल की नगरी में स्थित सभी श्रद्धालुओं के सामने आएगा।

बाबा महाकाल की नगरी में चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। आने वाले सिंहस्थ को देखते हुए अधूरे रहे कामों को तेज गति देने का प्रयास शासन द्वारा जारी है। वर्तमान समय में कोरोना के चलते आने वाले समय में कई काम अधूरे हैं, जो कि कोरोना की वजह से इन्हें टाल दिया गया था। कोरोना के कारण बहुत से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कोरोना महामारी के चलते कई लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या में परिवर्तन करते हुए रोजी-रोटी की समस्या सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे कोरोना का क्रम कम करने के लिए और आने वाली योजनाओं और कामों को ध्यान में रखते हुए उन्हें गति देना भी बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में चौड़ीकरण का काम तेजी से चालू हो चुका है।

अध्यात्मिक नगरी

बाबा महाकाल की नगरी वैसे भी एक अध्यात्मिक है और यहां के श्रद्धालु बाबा महाकाल और अपने इस उज्जैन नगरी पर बहुत आस्था रखते हैं। बाबा महाकाल की नगरी में आए दिन यहाँ पर चमत्कार देखने को मिलते रहते हैं।

बाबा महाकाल के मंदिर में कुछ समय से चल रहे चौड़ीकरण के कार्य और विस्तारीकरण के कार्य में बहुत तेजी आई है और आने वाले दिनों में उज्जैन की जनता को बाबा महाकाल की इस सुन्दर नगरी में और भी कई सुविधाएं जल्द उपलब्ध होने वाली है। इन दिनों देखने में यह भी आ रहा है कि अनेक रास्ते तो ऐसे हैं जिनमें सड़क खुदाई चल रही है और जल्द ही सीवरेज की पाइप लाइनें डाली जाने का कार्य किया जा रहा है लेकिन यह काम इतना धीमा चल रहा है कि लोगों को आए दिन सड़क की समस्या से परेशान होना पड़ता है।

सड़क की समस्या

जानकारों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण का जो कार्य वर्तमान में अभी चल रहा है उसको देखते हुए उज्जैन की जनता को और आने वाले राहगीरों को सड़क की भयावह स्थिति देखने को मिलती है, क्योंकि जो कार्य अभी चल रहा है उस कार्य को देखते हुए जानकारों का कहना है कि यह कार्य अभी 50% भी पूरा नहीं हुआ है।

पूर्ण करने की समयावधि

इस कार्य को पूर्ण करने के लिए जो समयावधि ली गई थी उस समय अवधि में यह कार्य पूर्ण होने में असमर्थ रहा है और इसका कार्य इतना धीमा चल रहा है कि आने वाले समय में हो सकता है कि यह कार्य इतनी गति से पूर्ण ना हो जितनी आम जनता सोच रही हैं।

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